इंजीनियर को जब नौकरी नहीं, तब किस बात की GDP-GDP

इंजीनियर को जब नौकरी नहीं, तब किस बात की GDP-GDP

क्या इंजीनियरिंग का दौर ख़त्म हो गया? अगर इसका जवाब हाँ में है तो देश को साफ़ साफ़ बताना चाहिए कि युवा इसकी पढ़ाई पढ़ें या नहीं।दस साल से आई टी सेक्टर में शुरूआती सैलरी नहीं बढ़ी है। पढ़ाई की फ़ीस और ख़र्चा महंगा हुआ। एक ऐसी पढ़ाई और नौकरी जो हर दूसरे युवा का सपना है, उसकी हालत खस्ता है तब GDP के आंकड़ों में किसका भला दिखता है? जिस साफ्टवेयर इंडस्ट्री की ताकत से बीजेपी ने अपने लिए राजनीतिक ताकत का विस्तार किया, उस साफ्टवेयर इंडस्ट्री को उसकी हालत पर छोड़ दिया गया है। इस वीडियो को ध्यान से देखें।
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